हे शारदे माँ, हे शारदे माँ | अज्ञानता से हमें तारदे माँ || (२)
तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे || (२)
हम है अकेले, हम है अधुरे, तेरी शरण में , हमें प्यार दे माँ
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हे शारदे माँ, हे शारदे माँ | अज्ञानता से हमें तारदे माँ ||
मुनियों ने समझी, गुनियों ने जानी | वेदोंकी भाषा, पुराणों की बानी || (२)
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने, विद्या का हमको अधिकार दे माँ ||
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ | अज्ञानता से हमें तारदे माँ
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तू श्वेतवर्णी, कमल पे विराजे | हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे || (२)
मनसे हमारे मिटाके अँधेरे | हमको उजालों का संसार दे माँ ||
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ | अज्ञानता से हमें तारदे माँ || (३ )