Chalo man jaayen ghar apane - चलो मन जायें घर अपने
चलो मन जायें घर... अपने (२) इस परदेस में, ओ परदेस में क्यों परदेसी राहें ये~ चलो मन जायें घर... अपने ...(२) आँख जो भाये वो कोरा सपना आँख जो भाये वो कोरा सपना, सारे पराये हैं कोई न अपना -२ ऐसे झूटे प्रेम में पड़ ना भूल में काहे जियें~ चलो मन जायें घर अपने ... सच्चे प्रेम की ज्योत जला के सच्चे प्रेम की ज्योत जला के, मन सुन मेरे कान लगा के -२ पाप और पुण्य की गडरी उठा के अपनी राह चलें~ चलो मन जायें घर अपने ...
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